Thursday, 26 April 2018

Dedicated to all Competitors-(जो हीरा बाजार जाता है)

रोज योजनाएं बनती रहती है।
रणनीतियां बिखरती रहती है।।
अरमान तो बहुत है इस दिल में,पर
इमारतें बनके ढहती रहती है।।
इन्हीं मुश्किलों से निकलकर,
जो एक कदम पार जाता है।
निश्चित ही अपने लक्ष्य को,
वह एक बार पाता है।।
मेहनत गर पड़े तो,कोई राज है समझो,
क्यूंकि तराशा है वही जाता,
जो हीरा बाजार जाता है।।
रचयिता/लेखक-कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा”दीपक”
मो.नं.-9628368094,7985502377

Monday, 2 April 2018

GST on Good Morning (GST on गुड मॉर्निंग पर कविता)

मेरा सोना-मेरा बाबू,गुड़ मोर्निंग बोलें कैसे हम।
लगी मेसेज पे GST,ओ मेरे शोला और शबनम।।

चलाया Anti Romiyo,और अब मेसेज पे GST.
अरे सरकार!क्या करोगे,क्यूँ मेरी उजाड़ रहे बस्ती।।

सुबह की मुस्कान हमारी,छीन तुम क्यूँ रहे हमसे।
बिन मॉर्निंग मेसेज के लगता,हम है दूर सनम से।।

बस करो अब हम पर पाबंदी,सुकून से खाने-पीने दो।
जब दिया जिओ अंबानी ने,तो जिओ और जीने दो।।


रचयिता-कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा"दीपक"
मो.नं.-9628368094,7985502377
Available on My YouTube Channel-"Kavi Kuldeep Prakash Sharma"

Wednesday, 28 February 2018

भोजपुरी गीत-खेले राधा संग कन्हाई, रे होली भैया

खेले राधा संग कन्हाई; रे होली भैया।
मुबारक हो सबही के; होली दिन भैया।।

होली घर-घर; खुशियाँ लावेला।
इक-दूजन के; प्यार सिखावेला।।
हुइहै गाल सबही के रे; लाल-पीले भैया।
खेले राधा संग★★★★★★★★★।।

होली प्यार के; अनमोल त्यौहार बा।
खेलत रंग कान्हा; अरु ब्रजवाला।।
मस्ती में सबु आज; झुमिहै रे भैया।
खेले राधा संग★★★★★★★★★।।

प्यार के रंग मा; सब रंग डाला।
कौनौ शिकवा न;आपन मन में पाला।।
प्रेम से रउआ सब; होली मानवा रे भैया।
खेले राधा संग★★★★★★★★★।।

रचयिता-कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा"दीपक"
मो.नं.-9628368094,7985502377

Monday, 12 February 2018

महाशिवरात्रि पर कविता

भूतभावन,विनाशक ललाटे चंद्र शोहे।
कर त्रिशूल,भुजंगधारी,त्रिनेत्र मन मोहे।।

डमरू बजाकर करे नृत्य भोला।
पावन जहाँ"दीपक"नगरी गोला।।

करुँ वंदन निशदिन मैं तुम्हारा।
सदा ही करो कल्याण हमारा।।

मंद-मंद समीर आज,सुंदरता चहुँओर भरे।
हे नीलकंठ!तूने,है सबके दुःख दूर करे।।
कर दे मुझ दीन पर भी,दया थोड़ी भगवन;
जपता मैं निशदिन,हर हर महादेव हरे।।

रचयिता/लेखक-कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा"दीपक"
मो.नं.-9628368094,7985502377



Sunday, 3 December 2017

पुस्तक-"मातृ-पितृ पूजन व्रत कथा"-PDF Download

पुस्तक:- "मातृ-पितृ पूजन व्रत कथा"
लेखक/रचयिता:- पं० जसकरन लाल शर्मा"न्यायी"
सहयोगी लेखक:- कुलदीप प्रकाश शर्मा"दीपक"
पुस्तक के बारे में:- इस पुस्तक में माता-पिता के पूजन  की विधि, माता-पिता की आरती, माता-पिता चालीसा, माता-पिता के भजन एवं अन्य अध्यात्म भजन  भी शामिल है।
★पुस्तक को मँगवाने के लिए नीचे दिए गए सम्पर्क-सूत्रों पर संपर्क करे:-9628368094,9795710715
★पुस्तक को PDF Format में डाउनलोड करने/पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-

Wednesday, 29 November 2017

नगरीय निकाय चुनाव पर कविता

स्वारथ खातिर लोग कुछ,आ करते पहचान।
जिन लोगों ने आज तक,किया नहीं सम्मान।।

किया नहीं सम्मान,कहो किस दम पर लड़ते।
पकड़ लिया मैदान,किन्तु है पैर उखड़ते।।

जनता का दिल जीतो,पहले करिये परस्वारथ।
जीते तभी चुनाव,सफ़ल होगा निजस्वारथ।।

सुख-दुःख में जो काम आता,उसको ही हमें जिताना है।
मतलब परस्त बस मौके पर,बुनते हर ताना-बाना है।।

किन्तु जनता सब कुछ देखती,सुनती-समझती है;
जो तन के उजले-मन के काले,उनको बन्धु हराना है।।

रचयिता-कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा"दीपक"
मो.नं.-9628368094,7985502377

Wednesday, 15 November 2017

नमो 2019

गुजरात की दशा देखकर,होश हो रहे दंग।
मोदी जी को लग रहा,हारेंगे हम जंग।।
हारेंगे हम जंग,शुरू हो उलटी गिनती।
हारे आप चुनाव,कर रही जनता विनती।।
फिसल हिमाचल रहा,न बनने वाली बात।
दिल्ली को फिर छोड़कर,भागोगे गुजरात।।

अगर आप है हारते,हिमाचल-गुजरात।
तब तुमको मालूम हो,मोदी जी औकात।।
मोदी जी औकात,दिखाए जनता पिछड़ी।
मोदी-योगी-राजनाथ ने,खूब पकाई खिचड़ी।।
दो हज़ार उन्नीस में,करो राम का जाप।
बातों में भरमा रहे,भोली जनता आप।।

केवल वादों से नहीं,भरने वाला पेट।
भोली जनता का सभी,करते है आखेट।।
करते है आखेट,दे रही जनता गारी।
बंद किया अनुदान,सब्सिडी की तैयारी।।
मजदूर-किसान-कर्मचारी,दे तुम्हें न सम्बल।
नेता बन प्रतिपक्ष,सदन में बैठो केवल।।

घूमें देश-विदेश पर,नहीं सपारे आप।
विषधर काला नाग है,पाक सभी का बाप।।
पाक सभी का बाप,न करता किसी से मेल।
मौका पाते ही तुरत,देता सबको पेल।।
मचा रहा आतंक,खुशी से फिर भी झूमें।
बदल सके न आप,नतीजा क्या है घूमें।।

रचयिता-कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा"दीपक"
मो.नं.-9628368094,7985502377