मित्रों,प्रतिक्रिया अवश्य दें-
आज कुछ पंक्तियाँ युवाओं पर है।ज्यादातर युवाओं का विद्यार्थी जीवन Break-Up और Patch-Up में निकल जाता है,उसके जीवन में Girl की महत्ता हो जाती है,Goal की कोई महत्ता नहीं रहती।अगर युवा Goal पर ध्यान दे Girl अपने आप आ जायेगी और Girl के चक्कर में न तो Goal पा पाते है और न ही Girl. हमें स्वयं ही बदलना होगा अगर हम कुछ करना मंजिल को हासिल करना चाहते है तो,कोई बदलने के लिए नहीं आएगा।
धन्यवाद।
किसी ने सही कहा-बुरा न सुनो,बुरा न कहो;
और बुरा जब दिखे दोस्तों,तो आंखे मूँद लो।
मंज़िल पे बहुत जल्द पहुँच जाओगे अगर;
ज़ुल्फों से निकलने का कोई,रास्ता ढूंढ लो।।
रचयिता-कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा"दीपक"
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